मुंबई, मनोरंजन डेस्क। टीवी अभिनेत्री संचिता उगले के निधन के बाद मानसिक स्वास्थ्य और युवाओं में बढ़ते अवसाद (डिप्रेशन) को लेकर नई चर्चा शुरू हो गई है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, 22 वर्षीय अभिनेत्री का शव 14 जून को मुंबई स्थित उनके आवास पर मिला। मामले की जांच पुलिस कर रही है और मृत्यु के वास्तविक कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या बाहर से सामान्य या खुश दिखाई देने वाला व्यक्ति भी गंभीर मानसिक तनाव से जूझ सकता है। मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि इसका उत्तर हाँ है। कई बार व्यक्ति अपनी भावनात्मक पीड़ा को सार्वजनिक रूप से व्यक्त नहीं करता और सामान्य व्यवहार करता हुआ दिखाई देता है।
मौत से पहले सोशल मीडिया पर सक्रिय थीं अभिनेत्री
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, संचिता उगले ने अपनी मौत से कुछ घंटे पहले सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया था, जिसमें वह सामान्य और मुस्कुराती हुई नजर आई थीं। हालांकि विशेषज्ञ स्पष्ट करते हैं कि सोशल मीडिया पर दिखाई देने वाला व्यवहार किसी व्यक्ति की वास्तविक मानसिक स्थिति का विश्वसनीय पैमाना नहीं होता। इसलिए केवल किसी वीडियो या पोस्ट के आधार पर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं है।
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डिप्रेशन हमेशा दिखाई नहीं देता
मनोचिकित्सकों के अनुसार, अवसाद से जूझ रहे सभी लोगों में एक जैसे लक्षण नहीं होते। कई लोग अपनी परेशानी को लंबे समय तक छिपाकर रखते हैं। ऐसे में परिवार, मित्रों और सहकर्मियों की संवेदनशील भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है।
- विशेषज्ञों के अनुसार इन संकेतों पर दें ध्यान
- लगातार उदासी, निराशा या खालीपन महसूस होना।
- पहले पसंद आने वाली गतिविधियों में रुचि कम हो जाना।
- सामाजिक मेलजोल से दूरी बनाना।
- नींद और भूख में अचानक बदलाव।
- अत्यधिक थकान या ऊर्जा की कमी।
स्वयं को बोझ समझना या बार-बार निराशाजनक बातें करना। - व्यवहार या स्वभाव में अचानक बड़ा परिवर्तन।
भविष्य को लेकर लगातार नकारात्मक सोच। - विशेषज्ञ बताते हैं कि इनमें से कोई भी संकेत दिखाई देने पर व्यक्ति की बात ध्यान से सुनना, उसका साथ देना और पेशेवर मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से परामर्श लेने के लिए प्रेरित करना महत्वपूर्ण है।
समय पर मदद से बचाई जा सकती हैं जानें
मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि अवसाद एक चिकित्सकीय स्थिति है, जिसका उपचार संभव है। समय पर मनोवैज्ञानिक या मनोचिकित्सक से सलाह, परिवार का सहयोग और आवश्यक उपचार कई मामलों में गंभीर परिणामों को टालने में मददगार साबित हो सकता है।
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जांच रिपोर्ट का इंतजार
संचिता उगले की मौत के मामले में पुलिस नियमानुसार जांच कर रही है। फिलहाल मृत्यु के कारणों को लेकर किसी भी प्रकार की अटकल लगाना उचित नहीं है। आधिकारिक जानकारी पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
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यदि आपको या आपके किसी परिचित को मानसिक तनाव महसूस हो रहा है, यदि कोई व्यक्ति लगातार भावनात्मक संकट, निराशा या आत्महत्या जैसे विचारों से जूझ रहा है, तो उसे अकेला न छोड़ें। परिवार, विश्वसनीय मित्र या मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से तुरंत संपर्क करें। समय पर सहायता लेना और दिलाना जीवन बचा सकता है।




