व्यापार और रोजगार को गति देने के लिए केंद्र लागू करे राष्ट्रीय व्यापार सुधार पैकेज : मोहम्मद अरशद खान

यूपी में व्यापार और रोजगार को गति देने के लिए राष्ट्रीय सुधार पैकेज लागू करे केंद्र: अरशद खान

छोटे व्यापारियों, दुकानदारों, बुनकरों और युवा उद्यमियों के लिए सस्ती पूंजी व सरल जीएसटी व्यवस्था की मांग

पत्रकार सत्ता ब्यूरो
जौनपुर, अक्टूबर। उत्तर प्रदेश में उद्योग, व्यापार और रोजगार को नई गति देने के लिए केंद्र सरकार व्यापक राष्ट्रीय व्यापार सुधार पैकेज लागू करे। छोटे व्यापारियों, दुकानदारों, लघु एवं मध्यम उद्योगों, बुनकरों, कुटीर उद्योगों और युवा उद्यमियों को आर्थिक सुरक्षा, आसान ऋण और सरल कर व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए। यह मांग महाराजा अग्रसेन उद्योग व्यापार मंडल के राष्ट्रीय अध्यक्ष, समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव एवं जौनपुर सदर के पूर्व विधायक मोहम्मद अरशद खान ने की।

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश देश का बड़ा बाजार और विशाल उपभोक्ता आधार वाला राज्य है। यहां कृषि, खाद्य प्रसंस्करण, वस्त्र एवं बुनाई, हस्तशिल्प, चमड़ा, इलेक्ट्रॉनिक्स, निर्माण सामग्री, परिवहन, खुदरा व्यापार, पर्यटन, सेवा क्षेत्र तथा लघु एवं मध्यम उद्योगों के विकास की व्यापक संभावनाएं हैं। ऐसे में छोटे कारोबारियों और उद्यमियों को मजबूत किए बिना प्रदेश में रोजगार के अवसरों को व्यापक स्तर पर बढ़ाना कठिन होगा।

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मोहम्मद अरशद खान ने कहा कि बड़े उद्योगों और निवेशकों की भूमिका महत्वपूर्ण है, लेकिन अर्थव्यवस्था की वास्तविक मजबूती के लिए छोटे दुकानदारों, फुटकर और थोक व्यापारियों, स्वरोजगार करने वालों, कारीगरों, बुनकरों, महिला उद्यमियों तथा छोटे उद्योग संचालकों को भी समान अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि व्यापार केवल मुनाफे का माध्यम नहीं है, बल्कि करोड़ों परिवारों की आजीविका, युवाओं के रोजगार, किसानों की उपज के बाजार और कारीगरों की कला से जुड़ा हुआ है।

सात सूत्रीय सुधार पैकेज की मांग

खान ने छोटे व्यापारियों और दुकानदारों के लिए विशेष आर्थिक सुरक्षा एवं प्रोत्साहन योजना लागू करने की मांग की। उन्होंने कहा कि किराया, बिजली बिल, कर्मचारियों का वेतन, माल की लागत और कर अनुपालन जैसे खर्चों का बोझ छोटे कारोबारियों पर लगातार बना रहता है। ऐसे में उन्हें कम ब्याज पर कार्यशील पूंजी, प्राकृतिक आपदा, आग और बाढ़ की स्थिति में राहत एवं पुनर्वित्त, सरल ऋण, कम लागत वाले डिजिटल भुगतान और सुलभ बीमा जैसी सुविधाएं मिलनी चाहिए।

उन्होंने पात्र सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों के लिए सरकारी गारंटी वाली ऋण योजनाओं को प्रभावी बनाने तथा बिना अतिरिक्त संपार्श्विक जमानत के ऋण उपलब्ध कराने की व्यवस्था मजबूत करने की मांग की। प्रधानमंत्री मुद्रा योजना और क्रेडिट गारंटी योजनाओं का जिला स्तर पर व्यापक प्रचार-प्रसार, ऋण आवेदनों की समयबद्ध जांच तथा ऋण अस्वीकृत होने पर लिखित कारण दिए जाने की भी मांग की गई।

उन्होंने कहा कि महिला, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक और ग्रामीण युवा उद्यमियों को कारोबार शुरू करने और बढ़ाने के लिए विशेष प्रोत्साहन दिया जाना चाहिए।

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जीएसटी व्यवस्था में व्यावहारिक सुधार की जरूरत

मोहम्मद अरशद खान ने कहा कि छोटे कस्बों और ग्रामीण क्षेत्रों के अनेक कारोबारियों के पास प्रशिक्षित लेखाकार और पर्याप्त डिजिटल संसाधन नहीं हैं। इससे जीएसटी अनुपालन की लागत बढ़ जाती है। उन्होंने पात्र छोटे कारोबारियों के लिए सरल रिटर्न, स्वत: भरी जाने वाली जानकारी और त्रुटि सुधार की आसान सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की।
उन्होंने जीएसटी पोर्टल पर तकनीकी समस्याओं, आंकड़ों के मिलान, ओटीपी, डिजिटल हस्ताक्षर तथा अंतिम तिथि पर सर्वर पर बढ़ने वाले दबाव को दूर करने की मांग की। इसके लिए मजबूत सहायता केंद्र, चौबीसों घंटे सहायता और क्षेत्रीय भाषाओं में सहायता उपलब्ध कराने की बात कही।

छोटी गलतियों पर मिले सुधार का अवसर

खान ने कहा कि रिटर्न में अंतर, गलत वर्गीकरण या देरी जैसी छोटी गलतियों के मामलों में कारोबारियों को नोटिस मिलने के बाद वकील और चार्टर्ड अकाउंटेंट पर अतिरिक्त खर्च करना पड़ता है। उन्होंने मांग की कि अनजाने में हुई छोटी त्रुटियों पर सीधे दंड लगाने के बजाय पहले चेतावनी देकर सुधार का अवसर दिया जाए और अपील प्रक्रिया को सरल व कम खर्चीला बनाया जाए।

उन्होंने पात्र निर्यातकों और अन्य कारोबारियों के जीएसटी रिफंड को समयबद्ध करने की मांग करते हुए कहा कि रिफंड में देरी से कारोबारियों की कार्यशील पूंजी फंस जाती है। साथ ही कर दरों, छूट और एचएसएन वर्गीकरण को लेकर भ्रम दूर करने के लिए सरल बहुभाषी डिजिटल मार्गदर्शिका और टोल-फ्री हेल्पलाइन शुरू करने की मांग की।

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मोहम्मद अरशद खान ने कहा कि महाराजा अग्रसेन उद्योग व्यापार मंडल इस संबंध में केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार को विस्तृत ज्ञापन सौंपेगा। उन्होंने कहा कि व्यापारियों को राहत मिलने से रोजगार और उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा तथा ‘मेक इन इंडिया–मेक फॉर वर्ल्ड’ के संकल्प को मजबूती मिलेगी।

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